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हर सफहे में छिपे हैं, बस नाम तुम्हारे।।

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सब चिट्ठी और ख़त-ओ-पैग़ाम तुम्हारे।
        
                                                    
                            
हर सफहे में छिपे हैं, बस नाम तुम्हारे।।

तेरी तहरीर को, सीने से लगा लिया है।
सर-आंखों पे रखे हैं, अहकाम तुम्हारे।।
-यूनुस खान
17 घंटे पहले
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