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काश हम भी

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            काश हम भी वो मंज़र देखते।
        
                                                    
                            
तेरे इन हाथों में खंजर देखते।।

अगर मुकद्दर में होता साहिल।
खड़े होकर हम समंदर देखते।।
-यूनुस खान
20 घंटे पहले
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