आज क्या हो गया है
उनको वे चुप नहीं होते
बम फटते चहुं ओर थे
वे मुंह नहीं खोलते थे
आज वह चुप.......
जब दंगें होते थे
बच्चे सहमें रहते थे
वे चुप कर, सो जाते थे
कुछ बोला नहीं करते थे
आज वह चुप..
जब घोटाले होते थे
चहुं ओर
टू-जी कोयला कागेम्स में
मौन हो जाते थे
जाते इटली की ओर
नहीं मचाते शोर थे
आज वह चुप....
जब सीमा पर
सर जवान का कटता था
शर्म से देश का सर झूकता था
वह मुक बना रहता था
शब्द नहीं निकलता था
आज वह चुप.....
अपमानित तिरंगा होता था
कश्मीर में आतंक का डंका था
नदियां बहती ख़ून की
यह सब सिर्फ देखता था
आज वह चुप...
जंग चीन से चलते थे
सीमा पर सब लड़ते थे
वे चुप-चाप मिलते थे
क्या संदेह नहीं होते थे
आज वह चुप....
दुश्मन से जो छुपकर मिलता हो
देश प्रेम झूठा करता हो
देश को बेइज्जत जो करता हो
वह कभी देश का, न नेता हो
आज़ वह.....
देशद्रोही सत्ता से जब बाहर है
मीन बिन जलधी जेसे तड़प हैं
सत्ता को पा कर ऐस मनाने में
झूठी अफवाहें जंनता में फैलाने हैं।।
प्रधानमंत्री चाहे जैसा हो
हमारा प्रतिनिधित्व करता है
पागलपन है, हद जो पार करें
हर बात में क्रिटिसाइज करता है
आज वह...
जब आज़ नहीं सत्ता है
झूठा ही सब बकता है
पागल हो कर दौड़ रहा है
जनता में भ्रम फैला रहा है
आज वह...
जो परिवार, भ्रष्टाचार पर पलतें हैं
चमचों और दलालों में रहतें हैं
हमें लूट कर खाते,गुन पुर्वज का गातें है
चार निक्ममें चम्चें , गुण उनके गातें हैं
जीप घोटाले और बोफोर्स तोप
दंगों और इमरजेंसी की पोल
टू-जी कोयला कामनवेल्थ की पोल
साफ नहीं है एक भी काम
बजाने को बहुत और है ढ़ोल
चुप कर बैठ,चुप कर ,ज्यादा मत बोल
आज वह.....
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