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नींद आती नही खुशकिस्मती के आसार नही।।

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            यह कैसा बुखार है यों चढ़ने पर उतार नही।
        
                                                    
                            
जाँचें पूरी हो गई पर तबियत में सुधार नही।।

मैं समझती रही इसका इलाज आसान होगा।
इश्क दरिया की तरह बहता मगर धार नही।।

बेचैनियों के बीच जीना हमारा कहाँ मुमकिन।
नींद आती नही खुशकिस्मती के आसार नही।।

मेरी तबियत सुधरने के वज़ह और बिगड़ रही।
राहत की कोशिश में 'उपदेश' अभी बहार नही।।

सुकूँ की तलाश में मंजिल तक पहुँच मुश्किल।
हमदर्द को दोषी ठहराने का भी आधार नही।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
एक महीने पहले
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