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बाप को यार के

Trishika Srivastava

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बाप को यार के क़दमों पे झुका देती है,
        
                                                    
                            
इश्क़ की आग में घर-बार जला देती है।
राम कैसे सिया की लाज बचा पाएँगे?
आज सीता ही लखन-रेखा मिटा देती है।
— त्रिशिका धरा
9 घंटे पहले
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