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न गोद है सिरहाने , न ही प्यार का आँगन !

Tanu Thadani

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ना लोरियां , बाँहों का झूला , सो रहा बचपन !
        
                                                    
                            
न गोद है सिरहाने , न ही प्यार का आँगन !

ईटों पे सर रख , भूख ओढ़ , सो रहा बच्चा ,
ये है नहीं कोई कथा , ये देश का दर्पण !

सपनों में भी मासूम, माँ को खोजता होगा ,
हम क्यों न हों विचलित,गिरे क्यूँ न अश्रु कण!

धरती पे ही जब है नहीं ,सुकून ओं मंगल ,
हम ढ़ूंढ़ते हैं क्यूँ भला , मंगल में जा जीवन ?
- तनु थदानी
एक घंटा पहले
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