कछुआ खरगोश में शर्त लगी
एकदिन हुई
दोनों की दौड़ ,
खरगोश सरपट तेज दौड़कर
झट से पहुँच गया
बहुत दूर
पर कछुआ धीरे -धीरे
चलने को था मजबूर
खरगोश सोचा कुछ पल
कर लूं छाया में आराम
गहरी नींद लगी उसको
भूल गया अपना काम
धीरे -धीरे, चलते - चलते
कछुआ मंजिल के पार गया
नींद में सोता रह गया
खरगोश बेचारा हार गया ॥
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