चूहा गया शहर
एकदिन
ढोल खरीदकर लाया
खूब बजाता
उछल -उछल कर
सबके मन को भाया
नाच- गाना रोज होता
जंगल में मंगल छाया
बंदर ने फिल्मी गाने पर
खूब गाना गाया ॥
- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है।
आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।