विज्ञापन

मातृभाषा हिंदी

Somwati Mahaur

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            भारत माता के माथे पर बिंदी बना सौभाग्य दर्शाती ।हिंदुस्तान की राजभाषा,मातृभाषा कहलाती।।
        
                                                    
                            
देवनागरी में लिखी जाती, हर वर्ण, हर मात्रा विशेष स्थान पाती ।
इसमें भावों का संसार सजाया,
जन जन ने इसे अपनाया।।
व्याकरण कराता शुद्धता का ज्ञान।
कविता ,कहानी, नाटक साहित्य इसकी पहचान ।।
आज भी नमस्ते, नमस्कार दर्शाते हैं हमारे संस्कार । हिंदी का प्रयोग करना है हर भारतीय का अधिकार।।
नई पीढी़ भी करे प्रेम ,अपनी मातृभाषा से।
हिंदी दिवस मानते हैं हम हर वर्ष इसी आशा से।।
-सोमवती माहौर
5 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Jagdish Prasad

514 कविताएं

View Profile

User

66 कविताएं

View Profile