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माँ

shobhnathsingh yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुलसी जैसी माँ है घर आँगन की शोभा ।
        
                                                    
                            
खुशबू दहलीजों की,हर चौखट की आभा ।।

हर चौखट की आभा,दरवाजे पर दाबा ।
छाया बरगद की है, घर में काशी काबा ।।

माँ कहती है धन्य है गोस्वामी की हुलसी ।
जिस घर आँगन में हो चौरा पर माँ तुलसी ।।


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6 वर्ष पहले
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