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इरान बनाम अमेरिका

Sandeep Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इतिहास से कुछ भी नहीं सीखा मानव
        
                                                    
                            
इंसान बन रहा है इंसानियत का दानव
जो समझे खुद को दुनिया का सिंकदर
कूदता है हर ओर वही बनके बंदर
हर बाग पर वह चाहे अपना अधिकार
वही काम का है बाकी सब हैं बेकार
एक सनक गया है बाकी बनो समझदार
उस लालची को सकते तो हो ललकार
क्यों छीने कोई किसी का अधिकार
दुष्परिणाम ही निकालता है अनाचार
पहले ही दुनिया को झोंका है आग में
पुनः जा रहा है वह उसी राग मे
संकोच मत करो सारे मिलकर रोको
दुनिया को फिर से मौत में मत झोंको
-कुँवर संदीप सिंह
5 महीने पहले
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