क्या करूँ , मानव हूँ , नर्वस हो जाता हूँ , दोष है , रोष है , उद्घोष है ,
किन्तु थोड़ा सही यह है कि , होश है , क्या करूँ , मानव हूँ , नर्वस हो जाता हूँ ...!
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