कुछ ज्यादा नहीं तो,
जरा जरा हमको जीना आना चाहिए
कुछ हमको याद रखना है
सब नहीं भुलाना चाहिए
धीरे धीरे छूलेंगे हम आकाश की ऊंचाई
पर याद रहे हम गिरकर मत बिखर जाएं मेरे भाई
यह अलग बात है , किसी गिरे को उठाना चाहिए
नजर मिली किसी से हो गए हम पागल
यह कहकर दोष और को दिए,
बड़ा कातिल है उसका काजल
हम दीवाने हैं, दीवानों को कोई बहाना चाहिए
बहुत बड़ी है धरती , बहुत बड़ा है आसमान
चाहे जितनी बड़ी है दुनिया, जितना बड़ा है यह जहान
इस अपने दिल के पंछी को,एक आशियाना चाहिए
चाहा हमने जीवन में हरदम कुछ ना कुछ पाना
पर हम ये ना समझे, कुछ पाने के लिए बहुत पड़ता है गवाना
खुद को लूटा दो, खुद को मिटादो
अगर किसी को कोई बड़ा खज़ाना चाहिए
-रविन्द्र अमन