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मैंने अपने दर्द तुझे सुनाये हैं ये सोच कर, किसी मजबूर को तू दगा ना देना

Prasoon Saxena

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरी जिंदगी ने बहुत इंकार देखे हैं,
        
                                                    
                            
जिंदगी ने मेरी ख्वाब टूटते देखे हैं,
हाथों की लकीरों से देखो,
कोई नहीं लड़ सकता,
अपनी तकदीर से कोई नहीं लड़ सकता.

मैंने उजड़ती जिंदगी के मंज़र देखे हैं,
मेरी जिंदगी ने पथरीले रास्ते देखे हैं,
दिल में अब हलचल नहीं होती है,
शमशान जैसी खामोशी है जिंदगी में,
अपनी तकदीर से कोई नहीं लड़ सकता .

मैंने अपने दर्द तुझे सुनाये है ये सोच कर,
किसी मजबूर को तू दगा ना देना,
वक़्त की ठोकरों ने बहुत कुछ सिखा दिया,
हर सुबह उम्मीद का एक नया सूरज निकलता है,
वक़्त कभी करेगा वफ़ा,वक़्त कभी तो करेगा वफ़ा.
5 महीने पहले
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