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दिल की धड़कन में

Parul Bhaktani

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हम हैं मौजूद तेरे दिल की सनम धड़कन में
        
                                                    
                            
ज़िंदगी भर को रहेंगे तेरे घर-आँगन में

आओ अब तुम ले के बारात पिया घर मेरे
माँग भर कर मेरी बाँधो मुझे तुम बंधन में

अब जिया मेरा भी लगता नहीं है बिन तेरे
भीगना चाहूँ तेरे प्यार के इस सावन में

कुछ भी अच्छा नहीं लगता बिना तेरे प्रीतम
रहना है अब मुझे अपने ही सजन के मन में

बन के दुल्हन तेरे जब द्वार पिया मैं आऊँ
प्यार भर देना मेरे छोटे से इस दामन में
15 घंटे पहले
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