विज्ञापन

रक्षाबंधन का त्योहार

Pandit Chandradutt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रक्षाबंधन का त्योहार,
        
                                                    
                            
बहना क्यों ना आए द्वार?
मायके से जुड़े हुए हैं तार,
सदा रहे भाई बहन का प्यार।
प्यारा बंधन कभी टूटे ना,
कोई किसी से रूंठे ना,
होता रहे हर वर्ष मिलन,
ऐसे पर्व आते रहें हर बार।
-चंद्र दत्त शर्मा
2 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anita Chaturvedi

181 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10278 कविताएं

View Profile