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भरोसा

Nihal Chandra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            भरोसा 
        
                                                    
                            

कीट को है भरोसा पराग कभी व्यर्थ नहींजायेगा
बगिया में खिलेगा फूल जग में खुशबु बिखरायेगा
चातक की प्यास स्वाति नक्षत्र की बूँद हीबुझायेंगीं
राम पालकी रानी पुख्यनक्षत्र मे हीओरछा लायेंगीं
जामवन्त करें भरोसा हनुमान सागर लॉंघ जायेगा
कान्हा भरोसा अर्जुन मछली की ऑंख भेद पायेगा
स्वयंवर में राम ही जनकपुर की लाज को बचायेगा
मिग अभिनन्दन अभिमान ही मिराज को गिरायेगा
है विश्वास भारत में ही पुन: राम राज्य आयेगा
विश्व में विजयी तिरंगा ही हमारी शान वढ़ायेगा

निहाल चन्द्र शिवहरे , झॉंसी


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