अपराधी लड़े चुनाव, नहि निर्भय मतदान।
पराजित हो अपराधी , वोटर खतरे जान।।
©कवि : अशर्फी लाल मिश्र ,अकबरपुर,कानपुर।
- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।