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नीति के दोहे मुक्तक

                
                                                         
                            अपराधी लड़े चुनाव, नहि निर्भय मतदान।
                                                                 
                            
पराजित हो अपराधी , वोटर खतरे जान।।

©कवि : अशर्फी लाल मिश्र ,अकबरपुर,कानपुर।
 
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5 वर्ष पहले

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