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हर वक़्त दस्तयाब रहकर कहते हो कि यहाँ क़दर नही होती

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हर वक़्त दस्तयाब रहकर कहते हो कि यहाँ क़दर नही होती
        
                                                    
                            
मुसलसल मौजूद रहने वालों की किसी को ख़बर नहीं होती!
-एन. आर. कस्वाँ
2 दिन पहले
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