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हर वक़्त दस्तयाब रहकर कहते हो कि यहाँ क़दर नही होती

                
                                                         
                            हर वक़्त दस्तयाब रहकर कहते हो कि यहाँ क़दर नही होती
                                                                 
                            
मुसलसल मौजूद रहने वालों की किसी को ख़बर नहीं होती!
-एन. आर. कस्वाँ
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3 घंटे पहले

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