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मुझे प्राप्त है जनता का बल वह बल मेरी कविता का बल - केदारनाथ अग्रवाल

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मुझे प्राप्त है जनता का बल
वह बल मेरी कविता का बल
मैं उस बल से
शक्ति प्रबल से
एक नहीं-सौ साल जिऊंगा
काल कुटिल विष देगा तो भी
मैं उस विष को नहीं पिऊंगा

मुझे प्राप्त है जनता का स्वर
वह स्वर मेरी कविता का स्वर
मैं उस स्वर से
काव्य-प्रखर से
युग-जीवन के सत्य लिखूंगा
राज्य अमित धन देगा तो भी
मैं उस धन से नहीं बिकूंगा

5 वर्ष पहले

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