रक्षा बंधन- एक त्योहार
भाई-बहन की अद्भुत-
संबंध का प्रतीक,
रक्षा बंधन का शुभ त्योहार!
एक सूत्र में पिरौता-
यह त्योहार,
संबंध को,
परिवार को,
समाज को,
देश को!
त्योहार यह,
पवित्रतम प्यार का,
द्रौपदी के स्नेह का,
कृष्ण के वचन का,
और रक्षा करते उस वचन का!
त्योहार यह,
कच्चे धागे में बंधे ख़ास रिश्ते का,
और कराते एहसास,
भाई बहन के प्रेम में,
रिश्तों की अनंत गहराई का !
त्योहार यह,
सावन के पूर्णिमा के दिन का,
कुमकुम-अक्षत का,
दीपक और आरती की थाल का,
रक्षासूत्र और मिठाई का,
बहन के असीम प्यार का,
भाई के अप्रतिम स्नेह का,
अनोखा रिश्ता का!
इस त्योहार में,
रोली-अक्षत की तिलक,
कलाई पर रक्षा सूत्र,
लंबी उम्र की कामना,
भाई का उपहार,
और हर परिस्थिति में रक्षा का वचन!
है त्योहार,
स्नेह, अपनत्व और विश्वास के-
अटूट डोर का,
है इसमें ,
बंधन प्यार का,
रिश्तों का,
स्नेह और सम्मान का,
धर्म का,
संस्कार का,
संबंध का,
यादों का !
है त्योहार-
लंबे इंतज़ार का,
कभी,
टूटे हुए रिश्तों को,
फिर से सहेजनें का,
कभी आँखों में चमक,
तो कभी अश्रुधार!
है इसमें जुड़ी,
बचपन की मीठी यादें,
बहन की नन्हीं-नन्हीं शरारतें,
फिर छोटी-सी बातों पर,
दोनों का लड़ना और झगड़ना,
बहन का रूठना और भाई का मनाना,
अनोखा रिश्ता,
भाई और बहन का अटूट प्रेम,
पवित्र धागे में सिमटा स्नेह अपार!