विज्ञापन

बाबा सुख की छाया देना

Mansi Mittal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कृपा करो भोले भंडारी, जग की आर्त पुकार है।
        
                                                    
                            
*बाबा सुख की छाया देना, दुखी सकल संसार है।।*

अपने सारे दर्द छिपाकर, रहे कामना एक है।
ज्योति पुंज से भर दो झोली, भाव यही बस नेक है।
प्रेम समर्पण करें साधना, बहती निर्मल धार है,
*बाबा सुख की छाया देना, दुखी सकल संसार है।।*

जीवन का हर पल यह कहता, लगे अमावस रात है।
एक दीप देहरी पर रखते, उर में भर विश्वास है।
थामें रखना हाथ हमारे, तुमसे यह दरकार है।
*बाबा सुख की छाया देना, दुखी सकल संसार है।।*

हरते हो सन्ताप सभी का, भरा प्रेम अनुराग है।
भक्ति भाव अभिषेक सुधोपम, मृदुल तरंगित राग है।
करे 'मानसी' नित्य प्रार्थना, जीवन मिला उधार है,
*बाबा सुख की छाया देना, दुखी सकल संसार है।।*

 
19 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all