कृपा करो भोले भंडारी, जग की आर्त पुकार है।
*बाबा सुख की छाया देना, दुखी सकल संसार है।।*
अपने सारे दर्द छिपाकर, रहे कामना एक है।
ज्योति पुंज से भर दो झोली, भाव यही बस नेक है।
प्रेम समर्पण करें साधना, बहती निर्मल धार है,
*बाबा सुख की छाया देना, दुखी सकल संसार है।।*
जीवन का हर पल यह कहता, लगे अमावस रात है।
एक दीप देहरी पर रखते, उर में भर विश्वास है।
थामें रखना हाथ हमारे, तुमसे यह दरकार है।
*बाबा सुख की छाया देना, दुखी सकल संसार है।।*
हरते हो सन्ताप सभी का, भरा प्रेम अनुराग है।
भक्ति भाव अभिषेक सुधोपम, मृदुल तरंगित राग है।
करे 'मानसी' नित्य प्रार्थना, जीवन मिला उधार है,
*बाबा सुख की छाया देना, दुखी सकल संसार है।।*
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