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क्यों? घमंड दिखाते हैं

Manoj Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            नहीं पता होते हैं लोगों को,
        
                                                    
                            
न जाने कब कहां कैसे छीन
जाए अपनी सांसों की डोर।।

हंसते खिलखिलाते इस तन
का कब साथ छोड़ दे सांसे,
कब मुँह मोड़ ले किस ओर।।

बड़ी व्यथा होती है मन में ,सदैव
साथ रहने वाले जब अचानक जब
दुनिया को, अलविदा कर जाते हैं।।

सोचने समझने के भी समय नहीं
होते हैं लोगों के पास, फिर हम इस
नश्वर शरीर पर क्यों?घमंड दिखाते हैं।।

- एम के सिंह
भागलपुर (बिहार)
2 वर्ष पहले
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