अच्छा खासा दिन था
साँझ कर दिया
बढ़ते हुए अंधेरों ने
आँगन भर दिया
जीवन समर्पण था
प्रलोभन कर दिया
कर्त्तव्यों का पालन था
प्रयोजन कर दिया ।
मं शर्मा( रज़ा)