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जब जिंदगी ख़फ़ा हुई

Manju kasana

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब जिंदगी ख़फ़ा हुई
        
                                                    
                            
हासिल ना हमें हवा हुई
रह गए घुट के चार दीवारों मेँ
इतनी बुरी हमें सजा हुई,
ना समझ सके जिंदगी का सबक
अब तो मौत सें ही जैसे वफ़ा हुई।

- मंजू आस्था
8 घंटे पहले
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