चरित्र में खुद को ढालकर
हर किरदार को अदा कीजिए,
जीवन का अनुभव कैसा भी हो
हर अनुभव का मजा लीजिए।
कुछ सीखिए, कुछ सिखाईए
कुछ पढ़िए, कुछ पढ़ाइए,
ज्ञान का प्रसार कीजिए।
वंचितों शोषितों को,
उनका हक दिला दीजिए,
दूजे के दुःखों को,
अपना बना लीजिए।
निराशा के अंधकार में,
आशा का दीपक जला दीजिए
फिर इस संसार से विदा लीजिए।