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होली की मस्ती

Manish Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जन जन में छाई है मस्ती
        
                                                    
                            
सतरंगी बना गई बस्ती

रंगों में लिपटी हर काया
ऋतु बसंत मादकता लाया

हर्ष उल्लास से भरा है मन
रंगों से सरोबार है तन

रंगों से हर चेहरा लाल
बहकी हुई है सबकी चाल

समभाव का पर्व है होली
भेद भाव रंगों से धो ली
3 वर्ष पहले
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