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दो रोटी

Manish Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सुट बूट पहनता कोई,
        
                                                    
                            
किसी की फटी है धोती,
किस्मत वालो को मिलती है,
2 जून की रोटी।

मेहनतकश इंसान है भूखा,
हजरात चबाए बोटी,

किस्मत वालो को मिलती है,
दो जून की रोटी।

बड़े बड़े उदर वालो की,
नियत बड़ी है खोटी,
बड़े बड़े घरों में रहते,
हृदय बड़ी ही छोटी,

विनती यही प्रभु से करते,
यही है अपनी मनौती,
भूखा रहे न जग में कोई,
सबको मिले दो रोटी।
2 वर्ष पहले
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