चंद लम्हो के साथ मे, मै तेरा हो गया,
चाँद कल तक था, तु, आज लुटेरा, हो गया।
रात कब गुजरी, आँखों मे, अब सवेरा हो गया,
तेरी आँखों का मेरे दिल मे, बसेरा हो गया।
इश्क़ के तिलिस्म मे, कैद, जिंदगी का घेरा हो गया,
नागिन की गिरफ्त मे, आज हुनर मंद संपेरा हो गया।
जब से रहने लगे, दिल मे तेरे, अपना घर, डेरा हो गया,
मशहूर हस्ती भी, हुस्न के सामने, ऐरा, गैरा हो गया।