विज्ञापन

मेरा दिल बार बार मुझसे ..….

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरा दिल बार-बार मुझसे,
        
                                                    
                            
एक ही सवाल करता है।
हमारे देश के गरीब
सच में, गरीब है?
या अमीरों के बेरहमी के नतीजे हैं।
आज अगर हमारे देश में,
अमीरों के घर निवाले फेके न जाते।
ज्यादा स्टोर करके रखें ना जाते।
हमारे देश के गरीब छोटे-छोटे
प्यारे बच्चे भूखे ना सोते
आज हमारे देश के अमीर
सौ सौ महल होने के बाद भी,
सौ के बारे में ना सोचते।
हमारे देश के गरीब भाई परिवार
सहित फूट पाथ पर ना सोते।
आश्चर्य होती है,
हमारा देश किधर जा रहा है।
हमारे तो ऐसे संस्कार नहीं थे।
दिल बार-बार सवाल करता है।
सवालों के जवाब देने में,
असमर्थ हो जाती हूं।
मैं उसे सांत्वना देने के लिए
बोल देती हूं।
शायद, अमीरों के पास जमीन,
जायदाद, शोहरत होते हैं।
लेकिन,उनके पास दिल,जमीर नहीं होते।
चमत्कार की बात तो यह है___
हमारे देश के मासूम बच्चे
जमीन पर होते है।
परन्तु ईश्वर उन्हें,
करीब से देखते हैं।
भगवान उन पर में मेहरबान होते हैं।
वे दौलत मंद नहीं होते,
दिल के अमीर होते हैं।
अमीरों के महलों से ज्यादा,
तृप्त और खुशहाल होते हैं।
दुनिया ज्यादा की ख्वाहिशों में
इतनी अंधी ना होती।
हमारे देश के तस्वीर और,
तकदीर दोनों लाजवाब होती।
मेरा दिल बार बार मुझसे,
ये सवाल करता है क्या?
अपना ही अपनों का ये हाल करता है।
हम सब कहते है।
भारतवासी एक है
फिर अमीरों के महलों में उजाले,
और गरीबों के जिंदगी में अंधेरे क्यों है?
मेरा दिल स्तब्ध रह जाता है.....
जीवन का खेल निराला है।
कोई कल के लिए रखता है।
कोई आज भूखे प्यासे जख्मों के,
समंदर में तैर के मर जाता है।
ग्लानि से सोचते हुए,
दिल को समझाना पड़ता है कि
कभी तो देश के हालात बदलेंगे,
कभी तो हमारे देश के गरीब,
बच्चो के यहां उनके मन पसंद
खाने बनेंगे।
उनके यहां भी होली दिवाली
पर खुशियों के रंग और,
दीप जलेंगे।
उन मासूम चेहरे पर खुशी
के फूल खिलेंगे।।
अगले पेज में.................

-ममता तिवारी
5 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anita Chaturvedi

181 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10278 कविताएं

View Profile