कल्पनाओं के कागज पर
कमसिन कलम से
नजर की नजाकत से
होठों की हंसी से
हसरत भरी हाथों से
तुम्हारे नाम पैगाम लिखा
हां कविता, मैंने तुम्हारे नाम
ये छोटा सा कलाम लिखा
हाले दिल तमाम लिखा।।
-ममता तिवारी