विज्ञापन

किस्मत का खुदा कहां बेठा है

kshama Pal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            किस्मत का खुदा कहां बेठा है
        
                                                    
                            

हर पनपती आश को टुटते देखा है
ना जाने किस्मत का खुदा कहां बेठा है
उम्मीद की जलाकर ज्योति निकल कर चले
फिर भी हर बार इरादों को बिखरते देखा है

 
20 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all