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सिद्धार्थ का बुद्ध हो जाना !

Himanshu kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इतना आसान था क्या,?
        
                                                    
                            
सिद्धार्थ का बुद्ध हो जाना…

राजशाही ठाठ, महलों, तख्तों,
ताज को यूँ ही तज के जाना…

वैभव और ऐश्वर्य के सागर में भी
आत्मा का खुद से संवाद कर पाना

इतना आसान था क्या,?
सिद्धार्थ का बुद्ध हो जाना…

हर श्वास में प्रश्न, हर मौन में उत्तर,
फिर भी अंतर्द्वंद में निरुत्तर...

महज़ संयोग तो नही होगा..
एक राजकुमार का भ्रमण पर आना,

आसान था क्या?

छोड़ स्नेह, मोह, संबंध सभी,
गृहस्थ से वैराग्य मार्ग अपना..

वृक्ष तले,नदी किनारे सरल न था
स्वयं में संयम खोज पाना ..

ज्ञान की खोज में दुःख: को पाना..
यूँही ना था सिद्धार्थ का बुद्ध हो जाना

कोई तो अनहद गूँजी होगी,
हृदय में जिनसे खुद को पहचाना

~हिमांशु भारद्वाज "आनंद"
10 घंटे पहले
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