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शायद दिल की किताब

DR ANITA

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आज तम्मना रोई है
        
                                                    
                            
शायद दिल की किताब
खोई है
क्या था उस किताब में
कुछ जवाब न दे पाई है
आज तम्मना रोई है.
वर्षो का इन्तिज़ार और
कुछ अधूरे ख़्वाबों पर इख़्तियार
आज जार जार कोई है
आज तम्मना रोई है.
कुछ पन्नो पर अतीत की
रहनुमाई है
शायद दिल की किताब
खोई है
कुछ वफ़ा , कुछ जफा
और अधूरी मुरादों की
साफगोई है
आज तम्मना रोई है
शायद दिल की किताब
खोई है
-अनिता गोस्वामी
2 घंटे पहले
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