मेरी नज़र में एक अवारा सा सपना, ख्वाब है सनम,
रात में चांद देखता हूं तो दिखता है चेहरा तुम्हारा,
क्या वो तुम्हारी है,जिसकी जिक्र करते हो दिन रात तुम,