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जाम नहीं खाली होते

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            छलक गई यदि कुछ बूंदे तो जाम नहीं खाली होते
        
                                                    
                            
काम बहुत बढ़ जाने से भी हाथ नहीं खाली होते
जीवन कांटो की बाड़ी जितना सुलझे उतना उलझे
घूंट गले दो उतर गये यदि तो कोष नहीं खाली होते .
-दिनेश चौहान
8 घंटे पहले
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