ज्ञान -पुष्प मन चमन है सारा ,
गुरु को सत सत नमन हमारा ,
पुष्पों की माला अर्पित ,
श्रीफल, कुमकुम तुम्हें समर्पित ,
स्नेह-प्रेम संग आदर है ,
तुम्हें नमन मेरे सादर है ,
आपकी जय करे जग ये सारा ,
गुरु को सत सत नमन हमारा ,
करते नेक विचार सदा ऊँचे ,
गुरु ही विद्या-जल से सींचें ,
आप ज्ञान -रूप के गागर हो ,
सभी गुणों के सागर हो ,
आपके बिना अधूरा जग ये सारा ,
गुरु को सत सत नमन हमारा ,
गुरु है मित्र , गुरु है भ्राता ,
पिता-पुत्र का इनका , जैसे कोई नाता ,
और क्रोध में भी उनके हो जैसे ,
कहीं कोने में माता ,
बिना आपके कहाँ अस्तित्व हमारा ,
गुरु को सत सत नमन हमारा ,
दें हमें ऐसा ज्ञान गुरु ,
कि न हम कभी सैतान बने ,
कर्म ,वचन और धर्म से ,
हम सच्चे इंसान बने ,
आपको अर्पण श्रद्धा -सुमन हमारा ,
गुरु को सत सत नमन हमारा ,
गुरु को सत सत नमन हमारा ।।
अनुराग यादव
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