विज्ञापन

उनको नमन है

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हंसते हंसते फांसी पर जो झूल गए उनको नमन है
        
                                                    
                            
देश के लिए भूख प्यास जो भूल गए उनको नमन है
स्वदेश के लिए खाए हंसते हंसते जो गोली
डर कर भागे अंग्रेज,देख जवानों की टोली
याद करो जरा उनकी अमर कुर्बानी को
याद करो जरा झांसी वाली रानी को
बांध पीठ पर बेटे को,चल दी तलवार ताने
कितनी ताकत थी सिर्फ ऊपर वाला जाने।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anita Chaturvedi

181 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10278 कविताएं

View Profile