आईए बिहार की सांस्कृतिक राजधानी
बिहार की साहित्यिक राजधानी
मुजफ्फरपुर से परिचय कराते हैं
जहां से सहज कुमार आते हैं
जहां से जानकी जी आते हैं
सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज' की कर्म स्थली
दिनकर,बेनीपुरी,राजेन्द्र प्रसाद की कर्म स्थली
है जो लीची की राजधानी
है जो कविता कहानी
नाटक की राजधानी
जहां बाबा गरीबनाथ का मंदिर है
जहां शिक्षा के कई मंदिर हैं
जो व्यापार की राजधानी है
जो महा बलिदान की राजधानी है
जो महा काव्य की राजधानी है
जो कपड़ों,खान पान की राजधानी है
जहां भीखन पुर, सूर्य विहार कालोनी है
जहां की प्राकृतिक छटा सुंदर सलोनी है
जहां से जार्ज फर्नांडीज सांसद बनते थे
जहां कविता के नए नए छंद हम रचते थे
रचते हैं, रचते रहेंगे,वह मेरा मुजफ्फरपुर है
जो पटना से नहीं ज्यादे दूर है
जो हिंदुस्तान का कोहिनूर है
कहते उसे हम मुजफ्फरपुर हैं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'