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बिना " इंकलाब जिंदाबाद" बोले रह पाता नहीं हूं।

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            लिखता हूं मैं प्यार
        
                                                    
                            
लिखा जाता है स्वदेश प्यार
लिखता हूं देश
लिखा जाता है स्वदेश
लिखता हूं शांति
लिखा जाता है क्रांति
बात समझ पाता नहीं हूं
बिना "जय हिंद" बोले रह पाता नहीं हूं
बिना " इंकलाब जिंदाबाद" बोले रह पाता नहीं हूं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
2 घंटे पहले
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