ज्ञान चाहिए गया में आईए
मोक्ष चाहिए गया में आईए
सिद्धार्थ गौतम यहां आए
पीपल पेड़ तले ज्ञान यहां पाए
धरती यह सिद्धार्थ को बुद्ध बनाए
लाखों लोग यहां पिंडदान करने आएं
१९२३ में सहज कुमार यहां आए
कविता की अलख जगाए
हिंदी साहित्य सम्मेलन को चमकाए
हिंदी साहित्य सम्मेलन से पहचान बनाए
हिंदी साहित्य सम्मेलन को सजाए
आप भी आएं
घूम कर जाएं
इस पावन धरा पर शीष झुकाएं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'