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गया शहर में आईंए

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ज्ञान चाहिए गया में आईए
        
                                                    
                            
मोक्ष चाहिए गया में आईए
सिद्धार्थ गौतम यहां आए
पीपल पेड़ तले ज्ञान यहां पाए
धरती यह सिद्धार्थ को बुद्ध बनाए
लाखों लोग यहां पिंडदान करने आएं
१९२३ में सहज कुमार यहां आए
कविता की अलख जगाए
हिंदी साहित्य सम्मेलन को चमकाए
हिंदी साहित्य सम्मेलन से पहचान बनाए
हिंदी साहित्य सम्मेलन को सजाए
आप भी आएं
घूम कर जाएं
इस पावन धरा पर शीष झुकाएं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
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