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अब हकीक़त से सामना भी हुआ

Anil Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अब हकीकत से सामना भी हुआ
        
                                                    
                            
और क्या दिल को थामना भी हुआ
मेरा कोई न था जमाने में
नहीं मानते थे, मानना भी हुआ
ऊंचे आसमान थे,हम बौने थे
जानते,जानते जानना भी हुआ
आ गए थे तुम, बिना दस्तक
तुमको, दिल से निकालना भी हुआ
कुछ सम्हाले हैं, वहम जाता रहा
आखिर, खुद को सम्हालना भी हुआ
टूट जाएगा बहुत था मुमकिन
फिर भी ये दिल ,उछालना भी हुआ
हम थे मुफलिस,छुपाए था मोती
ये समन्दर, खंगालना भी हुआ
एक दिन पहले
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