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अब हकीक़त से सामना भी हुआ

                
                                                         
                            अब हकीकत से सामना भी हुआ
                                                                 
                            
और क्या दिल को थामना भी हुआ
मेरा कोई न था जमाने में
नहीं मानते थे, मानना भी हुआ
ऊंचे आसमान थे,हम बौने थे
जानते,जानते जानना भी हुआ
आ गए थे तुम, बिना दस्तक
तुमको, दिल से निकालना भी हुआ
कुछ सम्हाले हैं, वहम जाता रहा
आखिर, खुद को सम्हालना भी हुआ
टूट जाएगा बहुत था मुमकिन
फिर भी ये दिल ,उछालना भी हुआ
हम थे मुफलिस,छुपाए था मोती
ये समन्दर, खंगालना भी हुआ
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4 घंटे पहले

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