आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

जिंदगी की कहानी

                
                                                         
                            जिंदगी की कहानी में अपने ही गद्दार निकले
                                                                 
                            
हर शख्स विलेन निकला।

हमारी ही बर्बादी की सुरंग हमारे साथ रहकर
ही खोद रहा था।

वो लोग जिंदगी के हर बड़े और आवश्यक मुद्दे
में गायब रहे।

कहीं कुछ अच्छा ना हो जाए इसलिए मुंह फेर
लिए।

अपने काम काज में वह मीठे बनकर हमसे
फायदा ले गये।

और पीठ पीछे खूब सारे भेद ले गये और
धोखा दे गये।


ये कोई दूर के रिश्ते की नहीं बिल्कुल खास
की है बात।

बाहरी पर एकबार फिर से विश्वास पर अपनों
से मिलता भर भर कर विश्वास घात।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
12 मिनट पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर