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मैं इनका मुरीद

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अगर हाथ थामा है तो

AMITA SRIVASTAV

Mai Inka Mureed
                                                                
                                                    वादा करो
अगर हाथ थामा है
तो ता उम्र हाथ न छोड़ोगे
बीच राह में तो
न छोड़ के जाआेगे
ख़ुशी में तो सभी
साथ देते है
वादा करो
गम में भी साथ निभाआेगे

अमिता श्रीवातव

हमें विश्...और पढ़ें
8 years ago

मां को अपनी पुकार सुनाएंगे

Gk Agni

Mai Inka Mureed
                                                                
                                                    मां को अपनी पुकार सुनाएंगे
जयकारा खूब लगाएंगे
घंटा,शंख,घड़ियाल बजाएंगे
मां को अपनी आज मनाएंगे।
झोली सबकी मां भरती है
बेटों के दुख मां हरती है
मां को अपनी आज रिझाएंगे
भोग,प्रसाद,नैवेद्य चढ़ाएंगे।।
...और पढ़ें
8 years ago
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कफ़न मिले तो आंचल मेरी माँ का हो

Sant Prasad

Mai Inka Mureed
                                                                
                                                    आँख खोलू तो चेहरा मेरी माँ का हो
आँख बंद हो तो सपना मेरी माँ का हो
मैं मर भी जाऊं तो भी कोई गम नहीं
लेकिन कफ़न मिले तो आंचल मेरी माँ का हो!!

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित हो...और पढ़ें
8 years ago

माँ का प्रताप...

Shyam Bhadu

Mai Inka Mureed
                                                                
                                                    मेरी आदर्श "माँ"

वह अटल है, वह सकल है,
वह अजर है, वह अमर है,
वह अगन है, वह तपन है,
वह लगन है, वह भजन है।

इन चक्षुओं का मीत है,
वह आत्मा का गीत है,
वह हर पवन का राग है,
वह त्याग ह...और पढ़ें
8 years ago
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जब तक साथ है

Bhola Singh

Mai Inka Mureed
                                                                
                                                    जब तक साथ है हर गुस्ताखी कर लो
रूठो मनाओ माफी कर लो
मेरे प्यार के सागर से अपना ये पल्लू भर लो
मेरे खुशी का वस्ता ना सही अपने अरमानों को पूरा कर लो
अभी है मेरा साया साथ खेलो अम्बर को धर लो
अभी है तुम पर मरने वाला चाह...और पढ़ें
8 years ago

मेरी ज़िन्दगी का वो चार मिश्रा

Bhola Singh

Mai Inka Mureed
                                                                
                                                    मेरी ज़िन्दगी का वो चार मिश्रा बन कर रह गई
जब भी उसकी याद आयी अश्क़ों में मिल कर बह गई
हम उसको याद करते रहे वो याद बन कर रह गई
जब भी तेरा दीदार हुआ मेरी सांस थम के रह गई
मेरी वफ़ा को तू भी बेवफा कह गई
कर के याद तुझे...और पढ़ें
8 years ago

पेड़ बचाअो

Rovins sagar

Mai Inka Mureed
                                                                
                                                    बेरूखी में अपनी इंसान क्यों मुझे भूल जाते हो तुम
यूंही बेकार समझकर सड़कों के किनारे फेंक जाते हो तुम
जब आता है मौसम सर्द हवा का तो यहां-वहां से उढ़ाकर
ले आते हो तुम...लगती है ठंडी तो मुझे जलाजाते हो तुम
क्यों अपनी बेरूखी मऔर पढ़ें
8 years ago

देश मेरा बढ़ रहा

कुलदीप पाण्डेय

Mai Inka Mureed
                                                                
                                                    देश मेरा बढ़ रहा
देश मेरा बढ़ रहा
प्रगति सीढ़ी चढ़ रहा
देश के उत्थान में सब
साथ मिल अब चल रहे हैं
खून से सींचा जिसे था
हर सुमन अब खिल रहे हैं
कंटकों को आज देखो
स्वयं ही वह जल रहा है
देश मेरा...और पढ़ें
8 years ago

बेच रही एक नार कांच की चूड़ियां

Sandhya Chaturvedi

Mai Inka Mureed
                                                                
                                                    बेच रही एक नार काँच की चूड़ियाँ

देख रही लालायित हो कर
कब आये कोई बहू बेटियां

हो अमर सुहाग अखंड रहे चूड़ियाँ
छिपा रही है वो अपनी मजबूरियाँ

बेच रही एक नार काँच की चूड़ियाँ

देखो आज ह...और पढ़ें
8 years ago

मेरी संगिनी

Shikhar Vishwakarma

Mai Inka Mureed
                                                                
                                                    हर रोज़ की तरह आज भी मैं, अपने पसन्दीदा कैफ़े में कोनें की कुर्सी पकड़ कर उसका इंतज़ार कर रहा था।


आज उसे आने में ज़रा देर जरूर हुई , पर अब, अब वो मेरे आंखों के ठीक सामने थी।

मैं उसे देखकर बस मन ही मन खुश होता रहा।...और पढ़ें
8 years ago
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