हम ने सीने से लगाया दिल न अपना बन सका
मुस्कुरा कर तुम ने देखा दिल तुम्हारा हो गया
- जिगर मुरादाबादी
करूँगा क्या जो मोहब्बत में हो गया नाकाम
मुझे तो और कोई काम भी नहीं आता
- ग़ुलाम मोहम्मद क़ासिर
तुम मुझे छोड़ के जाओगे तो मर जाऊँगा
यूँ करो जाने से पहले मुझे पागल कर दो
- बशीर बद्र
विज्ञापन
जब भी आता है मिरा नाम तिरे नाम के साथ
जाने क्यूँ लोग मिरे नाम से जल जाते हैं
- क़तील शिफ़ाई
जिस को तुम भूल गए याद करे कौन उस को
जिस को तुम याद हो वो और किसे याद करे
- जोश मलसियानी
सिर्फ़ उस के होंट काग़ज़ पर बना देता हूँ मैं
ख़ुद बना लेती है होंटों पर हँसी अपनी जगह
- अनवर शऊर
हम हैं सूखे हुए तालाब पे बैठे हुए हंस
जो तअल्लुक़ को निभाते हुए मर जाते हैं
- अब्बास ताबिश
वीराँ-कदा-ए-दहर में क्या रक्खा है 'मुंज़िर'
कुछ दर्द के अफ़्साने तो कुछ टूटे हुए दिल
- बशीर मुंज़िर
फूट कर रोते हुए देख लिया है मुझ को
छेड़ने को मिरे हर-वक़्त है बरसात की बात
- रियाज़ ख़ैराबादी
दिल कोई मिलाता नहीं टूटे हुए दिल से
दुनिया में हमें जोड़ हमारा नहीं मिलता
- बेख़ुद देहलवी
मैं ने तो होंट सी लिए इस दिल को क्या करूँ
बे-इख़्तियार तुम को पुकारा कभी कभी
- असर लखनवी
दिल टूटा तो 'मीत' समझ में ये आया
इश्क़ वफ़ा सब एक पहेली निकली है
- अमित शर्मा मीत
अक़्ल उस हूर के चेहरे की लकीरों को अगर
आ मिटाती थी तो दिल और बना देता था
- मुस्तफ़ा ज़ैदी