विज्ञापन

प्रधानमंत्री मोदी ने इस कविता के साथ समाप्त किया भाषण...

काव्य डेस्क

Irshaad
विज्ञापन
                                    
                                                                        
                            

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री लाल किले से देश को संबोधित करते हैं, इस बार भी वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना भाषण दिया। उनके भाषण में कई ख़ास बातों के साथ एक बात यह भी रही कि उन्होंने अपने भाषण की समाप्ति एक कविता के साथ की, पढ़ें वह कविता 



अपने मन में एक लक्ष्य लिए 
मंज़िल अपनी प्रत्यक्ष लिए
हम तोड़ रहे हैं जंजीरें
हम बदल रहे हैं तस्वीरें
ये नवयुग है, नव भारत है
खुद लिखेंगे अपनी तकदीरें
हम निकल पड़े हैं प्रण करके
अपना तन-मन अर्पण करके
जिद है एक सूर्य उगाना है
अम्बर से ऊँचा जाना है
एक भारत नया बनाना है
एक भारत नया बनाना है

इस कविता को प्रधानमंत्री के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से भी ट्वीट किया गया है।
 
8 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all